अंतर्राष्ट्रीय

खालिस्तानी आतंकी निज्जर के हत्यारे को पकड़ने में अब तक नाकाम ट्रूडो सरकार, भारत के खिलाफ नहीं कोई सबूत…

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के हत्यारे को पकड़ने में और उसकी हत्या में किसी भारतीय की संलिप्तता को उजागर करने में अब तक जस्टिन ट्रूडो की सरकार नाकाम रही है।

कनाडा की खुफिया एजेंसी जून में हुई हत्या से पहले या बाद में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कनाडा के अंदर या बाहर उड़ान भरने वाले हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े किसी भी भारतीय नागरिक की पहचान नहीं कर पाई है।

सूत्रों ने पुष्टि की है कि सरे की स्थानीय पुलिस, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) से जुड़े जांचकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या भारतीय मूल के एजेंटों ने 18 जून के आसपास देश के अंदर या बाहर यात्रा की थी लेकिन इस कोशिश का उन्हें कोई फायदा नहीं मिल सका है। 

कनाडाई पुलिस को अभी तक हत्यारे की तलाश में कोई सफलता नहीं मिल सकी है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद हमलावर देश छोड़कर भाग गए होंगे।

निज्जर की हत्या में कनाडाई पुलिस ने दो संदिग्ध वाहनों की भी जांच की। इनमें से एक जली हुई कार और एक सिल्वर 2008 टोयोटा कैमरी है, जो कथित तौर पर हत्यारों द्वारा इस्तेमाल किया गया है। सूत्रों ने बताया है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में गैंगवार में कई हत्याएं हुई हैं और उनमें हत्या के बाद इसी तरह कार जलाकर अपराधी के भागने का सिलसिला रहा है।

वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, निज्जर के हत्यारों ने उसके एक सहयोगी पर भी बंदूक तान दी, जिसने उनका पीछा करने की कोशिश की थी। हालांकि, हमलावरों ने उस पर गोली नहीं चलाई।  एक वरिष्ठ ख़ुफ़िया अधिकारी ने कहा कि यह उन लोगों की संयमित विशेषता है, जो व्यक्तिगत हिसाब-किताब तय करने के तीव्र संकल्प से प्रेरित होते हैं, लेकिन फिर भी इतने रणनीतिक होते हैं कि बदला नहीं लेने देते।

इसके अलावा, निज्जर के परिवार ने मीडिया को कई बयान दिए हैं जिससे पता चलता है कि वह कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस के साथ निकट संपर्क में था, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह मुखबिर था या नहीं।

बता दें कि कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा की संसद में आरोप लगाया था कि खालिस्तान टाइगर फोर्स के आतंकी और कनाडाई नागरिक निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता के ठोस सबूत हैं। निज्जर की हत्या 18 जून को एक गुरुद्वारे के पार्क में कर दी गई थी। ट्रूडो के आरोप के बाद से दोनों देशों के रिश्ते बेहद खराब हो चुके हैं।

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