अंतर्राष्ट्रीय

मिट्टी में मिलकर रहेगा हमास; लाख मनाने पर भी पीछे नहीं हट रहे नेतन्याहू, अब रखी नई शर्त…

इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को रोकने से साफ इनकार कर दिया है।

अमेरिका पहले ही गाजा निवासियों और बंधकों की रिहाई के सुनिश्चित करने के लिए अल्प विराम का समर्थन कर चुका है। यूएन समेत कई मुस्लिम देश भी गाजा के लिए युद्ध विराम का लगातार आह्वान कर रहे हैं।

फ्रांस ने भी गाजा में कत्लेआम पर इजरायल की आलोचना की है। कहा है कि कुछ भी करके युद्ध रोकना अनिवार्य है। दुनिया के लाख मनाने के बावजूद नेतन्याहू पीछे हटने को तैयार नहीं है। लेकिन, शनिवार को सबसे ताजा संबोधन में उन्होंने हमास से युद्ध विराम की नई शर्त रखी है।

बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात पर भी जोर दिया कि इजरायल-हमास युद्ध छठे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और इजरायली सेना गाजा को तहस-नहस करने के लिए लगातार हमले कर रहे हैं। इजरायली फोर्स आईडीएफ ने 12 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक एनिमेशन वीडियो में दुनिया को बताया कि गाजा पर हवाई हमले में इजरायली सेना 1000 रॉकेट छोड़ चुका है।

बम वर्षा की इस तादाद से इजरायल के कत्लेआम का अंदाजा लगाया जा सकता है। 7 अक्टूबर से शुरू हुई इस जंग में अभी तक गाजा पट्टी में 12 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इजरायल खेमे को भी 2000 हजार लोगों की जान से हाथ धोना पड़ा है।

नेतन्याहू ने कहा है “हमास ने उत्तरी गाजा पट्टी पर से अपना नियंत्रण खो दिया है। उसके पास वहां छिपने के लिए कोई जगह नहीं बची है।

हमास कमांडर सिनवार से लेकर यहां आखिरी आतंकवादी तक हमास के ज्यादातर कमांडर मारे जा चुके हैं। हमारी सेनाएं जमीन के ऊपर और जमीन के अंदर उन पर हमला कर रही हैं। हम जीत तक पूरी ताकत से हमला जारी रखेंगे।

नेतन्याहू की जिद सब पर भारी
गाजा पट्टी में आम लोगों की मौतों से दुनियाभर के नेता चिंता जता चुके हैं। एक दिन पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी इजरायली हमले की निंदा की।

जवाब में नेतन्याहू ने इन टिप्पणियों पर स्पष्ट रूप से निंदा की। यूएन समेत दुनिया की तमाम एजेंसियां भी इजरायल से युद्ध विराम की अपील कर चुके हैं। इससे पहले शुक्रवार को, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गाजा में नागरिकों की सुरक्षा के लिए और अधिक प्रयास करने और उन तक मानवीय सहायता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। अमेरिका भी अल्प विराम का समर्थन कर चुका है।

अब हमास के सामने रखी शर्त
हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजरायलियों पर बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने वैश्विक मीडिया में सभी प्रकार की रिपोर्टें सुनी हैं।

कहा, “मेरा और कैबिनेट का निर्देश स्पष्ट है। हमारे बंधकों की वापसी के बिना कोई युद्धविराम नहीं होगा। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहूंगा कि बंधकों की रिहाई पर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का संचालन मोसाद के निदेशक डेविड बार्निया द्वारा किया जा रहा है।

इजरायली प्रधान मंत्री ने एक टेलीविजन संबोधन में कहा, संघर्ष विराम तभी संभव होगा जब गाजा में आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए गए सभी 239 बंधकों को रिहा कर दिया जाएगा।

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