

राजपुर समिति का उप केंद्र है, बारदाना भी मिला अधिक, बोगस खरीदी का मामला।

रायगढ़, 20 जनवरी 2025 // अब एक और धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी सामने आई है। घोटालों के लिए बदनाम राजपुर समिति के उप केंद्र बगुडेगा में यह घपला हुआ है। भौतिक सत्यापन में बगुडेगा केंद्र में 1255 बोरी धान की कमी पाई गई है। बारदाना अधिक मिला है। धान खरीदी में गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त आदेश दिए हैं। रायगढ़ कलेक्टर ने अलग-अलग टीम बनाकर खरीदे गए धान का भौतिक सत्यापन करने का आदेश दिया था। लैलूंगा में बगुडेगा केंद्र में तहसीलदार ने जांच कर एसडीएम अक्षा गुप्ता को रिपोर्ट दी है। केंद्र में 1255 बोरी धान कम पाया गया है। धान खरीदी पोर्टल में एंट्री, उठाव की मात्रा का आकलन करने पर इतनी बोरियां गायब मिली हैं।मतलब बिना धान आए किसानों के रिक्त रकबे पर धान चढ़ा दिया गया है। केवल वास्तविक किसान से उसकी वास्तविक उपज ही खरीदी जानी है। बगुडेगा में फड़ प्रभारी जीतेंद्र बेहरा हैं। राजपुर में राहुल चौहान सहायक प्रबंधक है। पिछले साल राजपुर में करोड़ों के धान की बोगस खरीदी हुई थी जो अंत में शॉर्टेज के रूप में सामने आया।
मतलब बिना धान आए किसानों के रिक्त रकबे पर धान चढ़ा दिया गया है। केवल वास्तविक किसान से उसकी वास्तविक उपज ही खरीदी जानी है। बगुडेगा में फड़ प्रभारी जीतेंद्र बेहरा हैं। राजपुर में राहुल चौहान सहायक प्रबंधक है। पिछले साल राजपुर में करोड़ों के धान की बोगस खरीदी हुई थी जो अंत में शॉर्टेज के रूप में सामने आया।
उठाव के बाद आया शॉर्टेज मतलब सांठगांठ हुई
तीन स्तरों पर भौतिक सत्यापन में कमी पकड़ी जा रही है। ज्यादातर केंद्रों में सब कुछ सही बताया जा रहा है। खरीदी पूरी होने के बाद उठाव और मिलान के बाद शॉर्टेज आया तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। भौतिक सत्यापन करने वाली टीम पर भी सवाल उठेंगे। अंतिम दिनों में सबसे ज्यादा बोगस खरीदी होती है। लैलूंगा तहसील की समितियां घपला करने के लिए जानी जाती हैं।




