छत्तीसगढ़दुर्ग

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने किया शासकीय स्टॉल का निरीक्षण, योजनाओं की सराहना की।

विकास कार्यक्रम में लगे विभागीय स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र, हितग्राहियों को मिल रहा है सीधा लाभ।

दुर्ग, 02 नवम्बर 2025/ राज्योत्सव के दौरान जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित विभागीय स्टॉल लगाए गए, जिनका अवलोकन मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, छ.ग.तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, नगर पालिक निगम दुर्ग महापौर श्रीमती अलका बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, श्री सुरेन्द्र कौशिक सहित स्थानीय व जिले के जनप्रतिनिधियों ने किया। इन स्टॉलों के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई एवं पात्र हितग्राहियों को लाभ भी प्रदान किया गया।

स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसमें टी.बी., सिकलिंग, हीमोग्लोबिन, आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, नेत्र परीक्षण, बीपी, शुगर जांच सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

विद्युत विभाग द्वारा लगाए स्टॉल में पीएम सूर्यघर योजनांतर्गत घरों की छत पर सोलर रूफटॉप पेनल लगाकर किस तरह मुफ्त बिजली की ओर बढ़ा जा सकता है, इसमें पीएम सूर्यघर का मॉडल भी रखा गया है, जिससे उक्त योजना को भौतिक रूप से समझा जा सके। 25 वर्षाे के विकास यात्रा को चार्ट के माध्यम से दर्शाया गया है, जिससे यह परिलक्षित होता है कि विगत 25 वर्षाे में उर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है।

जल संसाधन विभाग द्वारा खरखरा जलाशय से शिवनाथ नदी तक पाईन लाईन द्वारा जलपूर्ति परियोजना को मॉडल बनाकर दर्शाया गया है।

उद्यानिकी विभाग ने अपने स्टॉल में देश फलदार पौधों, सब्जी उत्पादन और ग्रीन हाउस जैसी योजनाओं की जानकारी दी। खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने व कृषकों की आय में वृद्धि करने ऑयल पाम खेती के बारे में जानकारी दी गई, जिससे अन्य किसान प्रेरित हो सकें।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा टीएलएम या शिक्षण अधिगम सामग्री, शिक्षकों द्वारा छात्रों के अधिगम अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली शिक्षण सहायक सामग्री है। ये सामग्री दृश्य, श्रवण या स्पर्शनीय अधिगम सहायक सामग्री के रूप में कार्य करती हैं, जिससे छात्रों को अमूर्त अवधारणाओं को अधिक आसानी से समझने में मदद मिलती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बदलती हुई आंगनबाड़ी के स्वरूप को बताने का प्रयास किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में खेलों के माध्यम से कहानियों और चित्रों के माध्यम से दिनचर्या से एक दूसरे के व्यवहार से रोल प्ले और नाटक के माध्यम से बहुत अधिक सीखते है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा इसीसीई की गतिविधियों पर आधारित थीम के आधार पर स्टॉल तैयार किया गया है।

कृषि विभाग ने खाद-बीज, कीट नियंत्रण, जैविक खेती, सॉयल हेल्थ कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की जानकारी दी। मत्स्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में मछुआरों के लिए योजनाएं प्रदर्शित की गईं। इस अवसर पर आमजन ने स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन भी लिया। कार्यक्रम में विभागीय समन्वय, जनसहभागिता और पारदर्शिता के साथ शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया गया।

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