अंतर्राष्ट्रीय

50 इजरायली बंधकों की रिहाई में नया ट्विस्ट, नेतन्याहू के करीबी ने बताया क्यों बदली तारीख?…

हमास आतंकियों के चंगुल से 50 बंधकों की रिहाई के मामले में ट्विस्ट आ गया है।

अब ये बंधक आज यानी गुरुवार को नहीं छूट सकेंगे। इससे पहले इजरायली मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर बताया था कि हमास-इजरायल के बीच हुई डील गुरुवार की सुबह 10 बजे से प्रभावी हो जाएगी लेकिन बदली परिस्थितियों में बुधवार को आधी रात में प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक शीर्ष सहयोगी ने आश्चर्यजनक घोषणा में कहा कि बंधक समझौते के हिस्से के रूप में गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाकर रखे गए 50 इजरायली अपहृतों के पहले समूह की बहुप्रतीक्षित रिहाई गुरुवार को नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अब यह रिहाई शुक्रवार को हो सकती है।

अब शुक्रवार को रिहाई की संभावना
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष तजाची हानेग्बी ने बीती रात एक बयान प्रसारित किया, जिसमें कहा गया है कि बंधकों के लिए बातचीत “लगातार प्रगति पर है” और “दोनों पक्षों के बीच मूल समझौते के अनुसार रिहाई शुरू होगी, लेकिन यह शुक्रवार से पहले नहीं हो सकेगी।”

इज़रायली अधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि रिहाई दस्तावेज़ पर अगले 24 घंटों के अंदर हस्ताक्षर हो जाएंगे, और 50 बंधकों की रिहाई शुक्रवार से शुरू कर दी जाएगी।

लंबी-चौड़ी प्रेस कॉन्फ्रेन्स
हानेग्बी की बुधवार रात की आश्चर्यजनक घोषणा एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी के यह कहने के कुछ घंटों बाद आई कि लगभग 50 इजरायली बंधकों की रिहाई गुरुवार से शुरू होगी। 

बुधवार शाम पत्रकारों के साथ ब्रीफिंग में हमास ने भी सौदे के विवरण की पुष्टि की थी। इस ब्रीफिंग में हमास के वरिष्ठ अधिकारी मौसा अबू मरज़ौक ने घोषणा की थी कि डील गुरुवार को सुबह 10 बजे से प्रभावी होगी।

इसके बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू, रक्षा मंत्री योव गैलेंट और युद्ध कैबिनेट मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने बुधवार शाम सौदे की खूबियों पर एक लंबी चौड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

गाजा पट्टी पर सैन्य अभियान जारी रहेंगे
हारेत्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार, एक इजरायली सूत्र ने यह भी कहा कि हमास से हुए समझौते के अनुसार, गाजा पट्टी में चल रही लड़ाई में चार दिनों का युद्ध विराम बरकरार रहेगा लेकिन इसे जब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सकता, तब तक गाजा में इजरायली सैन्य अभियान जारी रहेगा।

बता दें कि इजरायल-हमास युद्ध का आज 48वां दिन है। गाजा पट्टी में अभी भी इजरायली फौज हमास के ठिकानों को जमींदोज कर रही है।

रिहा होने वाले बंधकों के नाम उजागर नहीं
इस बीच, बंधकों की रिहाई में देरी उन परिवारों के लिए एक झटका है, जो अपने अपहृत बच्चों, जीवनसाथी, बेटियों और बहनों को हमास के बंधकों के कब्जे से लगभग 50 दिनों के बाद वापस लौटने की बेसब्री से राह देख रहे हैं।

इजरायली सरकार ने अभी तक रिहा होने वाले बंधकों की सूची प्रकाशित नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया को रिहाई के लिए निर्धारित बंधकों के पहले बैच की लिस्ट मिल चुकी है। 

मोसाद चीफ के पास है रिहा होने वालों की लिस्ट
कई रिपोर्टों के अनुसार, बार्निया के पास बुधवार को ही संभावित रिहाई वाले बंधकों की सूची हाथ में आ चुकी थी। उस दिन वह जनरल नित्ज़न अलोन, के साथ दोहा में थे, जिन्होंने इजरायल रक्षा बलों के लिए बंधकों की फ़ाइल रखी है, और दोनों ने कथित तौर पर सौदे के अंतिम विवरण पर चर्चा करने के लिए कतर के प्रधान मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से मुलाकात की थी।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सरकार की तरफ से कहा गया है कि अगर समझौता विफल हो जाता है तो परिवारों के बीच किसी भी झूठी आशा से बचने के लिए इज़रायल सरकार उनकी रिहाई से पहले नाम प्रकाशित नहीं करेगी।

बुधवार देर शाम चैनल 12 की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बंधकों की रिहाई में ये देरी चार दिवसीय संघर्ष विराम समझौते पर लड़ाई के दौरान “खेल के नियमों” पर आपसी समझ की कमी के कारण हुई है। 

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