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लोलेसरा गांव में भक्तिमय हुआ वार्षिक उत्सव, राष्ट्रीय संत ज्योतिमर्यानंद जी महाराज के आगमन से उमड़ा जनसैलाब।

बेमेतरा / लोलेसरा 13 जनवरी 2026 // मां भद्रकाली जिला मानस संघ के तत्वधान में आयोजित वार्षिक उत्सव का समापन इस वर्ष अत्यंत भव्य, श्रद्धा और धर्ममय वातावरण में हुआ। उत्सव के अंतिम दिन राष्ट्रीय संत श्री ज्योतिमर्यानंद जी महाराज के लोलेसरा गांव आगमन के बाद पूरा क्षेत्र भक्ति और आस्था से सराबोर हो गया।

संत श्री के आगमन की खबर मिलते ही ग्रामीणों व आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर पहुंचे। बड़ी संख्या में भक्तों ने संत श्री के श्री चरणों का स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अनुशासन, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

गौ माता को लेकर संत का बड़ा संदेश

इस अवसर पर संत श्री ने अपने प्रवचन में गौ सेवा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि—

“गौ माता में 33 करोड़ देवी-देवता विराजमान होते हैं, लेकिन आज के युग में सबसे ज्यादा दुखी प्राणी यदि कोई है तो वह गौ माता है।”

संत ज्योतिमर्यानंद जी महाराज ने बताया कि वे लगातार पदयात्रा कर गौ माता को राष्ट्रमाता एवं राज्य माता का दर्जा दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने समाज से भी गौ संरक्षण और गौ सेवा के लिए आगे आने की अपील की।

मानस मंडलियों की भजन प्रस्तुति ने बांधा समां

संत प्रवचन के पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित मानस मंडलियों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। श्रीराम नाम, भक्ति गीतों और संगीतमय मानस पाठ से श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कार्यक्रम स्थल पर देर तक भक्ति रस की अविरल धारा बहती रही।

अध्यक्ष श्री देवलाल सिंह का उद्बोधन

मां भद्रकाली जिला मानस संघ के अध्यक्ष श्री देवलाल सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि—

यह आयोजन वर्षों से निरंतर किया जा रहा है और इसका उद्देश्य समाज को धर्म, संस्कार, संस्कृति और संगठनात्मक एकता से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को आगे बढ़ाने में संघ के सभी कार्यकर्ता लगातार योगदान दे रहे हैं और आने वाले समय में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

आयोजन की प्रमुख झलकियां

राष्ट्रीय संत ज्योतिमर्यानंद जी महाराज का भव्य स्वागत।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गांव में भक्तिमय माहौल।

गौ माता को राष्ट्रमाता/राज्य माता बनाने की पदयात्रा का संदेश।

मानस मंडलियों के भजनों से गुंजायमान हुआ परिसर।

 संगठन व कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान।

निष्कर्ष:

कुल मिलाकर लोलेसरा गांव में आयोजित यह वार्षिक उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गौ सेवा, धर्म जागरण और सांस्कृतिक चेतना का बड़ा संदेश देने वाला कार्यक्रम बनकर सामने आया। आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और संत श्री के प्रवचन से यह स्पष्ट हुआ कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।

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