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भारत-फ्रांस के बीच बड़ी डिफेंस डील, चीन-पाकिस्तान की उड़ी नींद!

भारतीय नौसेना के 26 राफेल पहले से ही सेवा में मौजूद 36 राफेल में शामिल हो जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार (13 जुलाई) को फ्रांस से राफेल जेट के 26 नौसैनिक स्वरूप खरीदने और तीन फ्रांसीसी-डिज़ाइन वाली स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों की खरीद के प्रस्तावों को मंजूरी दी थी।

इस रक्षा सौदे में भारत को 22 सिंगल सीटर राफेल-एम मरीन लड़ाकू विमान मिलेंगे। ये लड़ाकू विमान स्वदेश में निर्मित विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात होंगे। वहीं, 4 ट्रेनर राफेल मरीन एयरक्राफ्ट मिलेंगे। राफेल-एम फ्रांस के राफेल लड़ाकू विमानों का नौसैनिक संस्करण है।

बता दें कि इंडो पैसिफिक में चीन की गतिविधियों को देखते हुए नौसेना जल्द से जल्द इस खरीद प्रस्ताव को पूरी होने की उम्मीद कर रही थी।

डसॉल्ट एविएशन ने कहा, ”यह फैसला भारत में आयोजित एक सफल परीक्षण अभियान के बाद लिया गया है। इस परीक्षण के दौरान नेवी राफेल ने प्रदर्शित किया कि यह भारतीय नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरी तरह से पूरा करता है। इसके विमान वाहक की विशिष्टताओं के लिए पूरी तरह से अनुकूल है।”

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने इस प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया था।

इस फैसले को मंजूरी उस दिन मिली जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस की दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल यात्रा शुरू की थी। नेवी राफेल से भारतीय नौसेना के सैन्य कौशल को बढ़ावा मिलेगा।

रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि 26 राफेल-एम जेट में से चार, डेक-आधारित प्लेटफॉर्म का नौसैनिक संस्करण, प्रशिक्षण विमान होंगे। उन्होंने कहा कि डील पर हस्ताक्षर होने के तीन साल के भीतर विमान की डिलीवरी शुरू हो जाएगी, आखिरी सौदे पर मुहर लगने में करीब एक साल लग सकता है क्योंकि अभी विस्तार से कीमत पर चर्चा होनी बाकी है।

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