अंतर्राष्ट्रीय

भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 34 हजार तक पहुंचा, लूट और अपराध ने बढ़ाई टेंशन…

तुर्की और सीरिया में आए भयंकर भूकंप के बाद जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं सीरिया के कई इलाकों में राहत पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है।

अनुमान लगाया जा रहा है कि इस त्रासदी में 34 हजार लोगों की जान गई है। रविवार को भी राहत और बचाव का काम जारी रहा।

आश्चर्य की बात है कि भूकंप के पांच दिन बाद भी मलबे से जीवित लोगों को निकाला जा रहा है। रविवार को एक प्रेग्नेंट महिला और दो बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया।

इस बीच यूएन का  राहत-बचाव दल भी तुर्की के ही रास्ते सीरिया पहुंचा। एजेंसी के रिलीफ चीफ मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा कि यहां बहुत ज्यादा तबाही हुई है ऐसे में इंतजाम अपर्याप्त हैं। 

उन्होंने कहा, अब तक हम उत्तरपश्चिम सीरिया के लोगों तक मदद पहुंचाने में सफल नहीं हो पाए थे। वे अकेला महसूस कर रहे थे।

वे सभी अंतरराष्ट्रीय मदद का इंतजार कर रहे थे। बता दें कि सीरिया में लंबे समय से चल रहे तनाव की वजह से हेल्थकेयर सिस्टम पहले ही तबाह हो चुका है।

यहां बाहर से आने वाली चीजों की सप्लाई भी ठप हो गई है। वहीं यहां राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ  विद्रोह करने वालों के हाथ में नियंत्रण है। असद भी पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। 

यूएन का यह दल बाब अल हवा बॉर्डर के रास्ते सीरिया में पहुंचा। यूएन ने 10 ट्र्क इस इलाके में भेजे हैं।

इसमें शेल्टर किट्स, प्लास्टिक शीट, रस्सी, स्क्रू और कीले, कंबल, गद्दे और चटाई हैं। वहीं असद ने रविवार को यूएई को मदद के लिए धन्यवाद दिया।

यूएई ने करोड़ों डॉलर की मदद करने का आश्वासन दिया है। 

लूट और अपराध बने मुसीबत
सीरिया में हाल यह है कि भूकंप के बाद लूट और अपराध बढ़ गए हैं। इस मामले में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

तुर्की और सीरिया दोनों ही जगह आपराधिक प्रवृत्ति के लोग लूट करने की कोशिश कर रहे हैं। इजरायल के एक रिलीफ ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि राहत बचाव दल की सुरक्षा को देखते हुए वे तुर्की से अपने देश लौट गए हैं।

यूएन ने कहा है कि करीब 9 लाख लोगों को तुर्की औऱ सीरिया में गर्म खाने की जरूरत है। तुर्की डिजास्टर एजेंसी ने कहा है कि उनके करीब 32 हजार लोग  राहत और बचाव के काम में लगे हुए हैं। इसमें से 10 हजार लोग दूसरे देशों के हैं। 

लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
सीरिया का कहना है कि इस सप्ताह 62 विमान मदद लेकर पहुंचे हैं। ये सभी सऊदी अरब से पहुंचे हैं। यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने सिक्योरिटी काउंसिल से तुर्की और सीरिया में नए बॉर्डर क्रॉस पॉइंट से मदद पहुंचाने का आग्रह किया है।

तुर्की में मातम और आक्रोश दोनों पसरा हुआ है। लोग सरकार के काम से संतुष्ट नहीं हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस भूकंप में करीब 12,141 इमारतें धराशायी हो गई हैं।

तुर्की की पुलिस ने कई ठेकेदारों को भी गिरफ्तार किया है। वहीं लूटपाट करने के आरोप में भी 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

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