अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका की जान का दुश्मन, कौन है ड्रग माफिया अल चैपो; बेटे की गिरफ्तारी के बाद मैक्सिको में हिंसा…

मैक्सिको में शनिवार का दिन बेहद हैप्पनिंग रहा।

एक तरफ करीब छह महीनों तक चले सीक्रेट मिशन के बाद एक बेहद खतरनाक अपराधी को गिरफ्तार किया गया।

इस गिरफ्तारी के बाद मैक्सिको के सिनालोआ में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की, जिसमें 29 लोगों की मौत हो चुकी है।

वहीं, गिरफ्तार अपराधी की गैंग के सदस्यों कई गाड़ियों में आग भी लगा दी। सिर्फ इतना ही नहीं, एयरपोर्ट पर भी हमला किया गया, जिसके चलते कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं।

सवाल उठता है, आखिर कौन है वो अपराधी जिसकी गिरफ्तारी पर मैक्सिको में इतनी खलबली मच गई। इस अपराधी का नाम है ओवीडियो गूसमैन लोपेज।

लोपेज मैक्सिको के बेहद कुख्यात ड्रग तस्कर अल चापो का बेटा है। आइए जानते हैं आखिर कौन है अल चापो और क्या है उसकी क्रिमिनल हिस्ट्री…

अल चैपो, एल रैपिडो जैसे उपनामों की कहानी
32 साल का ओवीडियो गूसमैन अपराधियों के बीच ‘द माऊस’ नाम से जाना जाता है। वह अपने पिता के ड्रग तस्करी नेटवर्क की एक शाखा की कमान संभालता है।

लेकिन असली किरदार है अल चैपो। न्यूयॉर्क में मैक्सिको के इस ड्रग तस्कर का पूरा नाम है जोआकीन आर्किवाल्डो गूजमैन लोएरा है।

उसे अल चैपो और अल रैपिडो जैसे कई उपनामों से जाना जाता है। अल चैपो का अंग्रेजी में मतलब होता है शॉर्टी, यानी छोटे कद वाला।

असल में अल चैपो की हाइट भी कम है, इसीलिए उसे यह उपनाम मिला हुआ है। वहीं, अल रैपिडो उसकी मादक पदार्थों की तेज डिलीवरी के लिए दिया गया है।

यह भी दिलचस्प है कि अल चैपो एक बेहद विनम्र किसान परिवार से ताल्लुक रखता है। उसका जन्म 1957 में हुआ था।

वह अपने परिवार के परंपरागत अफीम और गांजे के खेतों पर काम करता था। अनुमान है कि यहीं से उसका रुझान ड्रग तस्करी में हुआ।

बाद में वह बेहद ताकतवर ग्वाडालाजारा कार्टेल के चीफ मिगेल एंजेल फेलिक्स गैलार्डो के पास पहुंच गया। उसने मिगेल को अपना गुरु बना लिया और तस्करी के हुनर को धार दी।

अमेरिका की नाक में किया था दम
अल चैपो साल 2003 में मैक्सिको का टॉप ड्रग माफिया बन चुका था। यह हुआ था चैपो के प्रतिद्वंद्वी गल्फ कार्टेल के ओसिएल कार्डेनास की गिरफ्तारी के बाद।

इसके बाद ऐसा भी वक्त आया जब अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उसे दुनिया का सबसे ताकतवर ड्रग माफिया बताया था।

सिर्फ इतना नहीं, 2009 से 2013 के बीच फोर्ब्स मैगजीन ने अल चैपो को दुनिया के शक्तिशाली लोगों में शुमार किया था।

यही वह वक्त था जब अल चैपो मैक्सिको के कुख्यात ड्रग तस्कर समूह सिनालोआ कार्टेल का मुखिया था। अमेरिकी पब्लिक अफेयर्स ऑफिस के मुताबिक सिनालोआ कार्टेल दुनिया भर में कोकीन, मारिजुआना, हिरोइन जैसे मादक पदार्थ बड़ी तादाद में अमेरिका में सप्लाई करता था।

अगर बात करें क्रिमिनल केसेज की बात अल चैपो के ऊपर कुल 17 क्रिमिनल केसेज दर्ज हैं। उसने 84 बार अमेरिका में ड्रग्स के बड़े शिपमेंट भेजे।

सिर्फ इतना ही नहीं, उसके ऊपर भाड़े के हत्यारों से सैकड़ों मर्डर, किडनैपिंग और विरोध करने वालों पर हमलों के आरोप भी हैं।

निजी चिड़ियाघर, निजी विमान का मालिक
अल चैपो फिलहाल अमेरिका जेल में बंद है। बात करें उसकी प्रॉपर्टी की तो इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि फोर्ब्स ने उसे लगातार चार साल दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार किया था।

2009 में फोर्ब्स ने उसे सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में 701वें नंबर पर रखा था। उस वक्त उसकी प्रॉपर्टी करीब एक अरब डॉलर थी।

अल चैपो ने यह सारी प्रॉपर्टी ड्रग तस्करी के जरिए कमाई है। उसके पास हथियारों में सोना जड़ी हुई एके-47 और डायमंड जड़ी .38 कैलिबर की हैंडगन्स भी हैं।

एल चापो के पास निजी चिड़ियाघर, निजी विमान और लग्जरी तटीय संपत्तियां हैं। उसकी पत्नी के पास भी अच्छी-खासी संपत्ति है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!